NMACC और कतर म्यूज़ियम्स की साझेदारी, भारत–कतर में बच्चों की शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

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*NMACC और कतर म्यूज़ियम्स की साझेदारी, भारत–कतर में बच्चों की शिक्षा को मिलेगा नया आयाम*

• पाँच साल का समझौता, ‘म्यूज़ियम-इन-रेज़िडेंस’ कार्यक्रम होंगे शुरू
• खेल-खेल में सीखने पर ज़ोर, शिक्षकों और स्वयंसेवकों को मिलेगा प्रशिक्षण
• स्कूलों, आंगनवाड़ियों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचेगी पहल

मुंबई/दोहा, 22 दिसंबर 2025: – नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) और कतर म्यूज़ियम्स ने भारत और कतर में बच्चों की शिक्षा को नई दिशा देने के लिए पाँच साल की रणनीतिक साझेदारी की है। इस समझौते पर NMACC की ओर से रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की निदेशक ईशा अंबानी और कतर म्यूज़ियम्स की चेयरपर्सन शेखा अल मायासा बिन्त हमद बिन खलीफा अल थानी ने हस्ताक्षर किए। समारोह दोहा स्थित नेशनल म्यूज़ियम ऑफ कतर में आयोजित हुआ।

इस साझेदारी के तहत दोनों देशों में ‘म्यूज़ियम-इन-रेज़िडेंस’ आधारित शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिनमें बच्चों को खेल, कला और अनुभव के माध्यम से सीखने के अवसर मिलेंगे। कार्यक्रमों का फोकस शुरुआती बाल शिक्षा पर होगा, साथ ही शिक्षकों और स्वयंसेवकों को भी नए शिक्षण तरीकों, सामग्री और प्रशिक्षण से बेहतर बनाया जाएगा।

भारत में इन कार्यक्रमों को NMACC, रिलायंस फाउंडेशन के सहयोग से लागू करेगा। कतर के डाडू चिल्ड्रन म्यूज़ियम से जुड़े विशेषज्ञ मास्टरक्लास और व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे। हर कार्यक्रम को स्थानीय जरूरतों के अनुसार तैयार किया जाएगा, ताकि इसका लाभ शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों तक पहुँच सके।

ईशा अंबानी ने कहा, “नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में हमारा प्रयास है कि दुनिया के श्रेष्ठ विचार भारत तक पहुँचें और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर साझा किया जाए। कतर म्यूज़ियम्स के साथ यह साझेदारी बच्चों और शिक्षा पर केंद्रित एक सार्थक पहल है। हम मानते हैं कि संस्कृति से कल्पनाशक्ति जन्म लेती है और शिक्षा से संभावनाएँ साकार होती हैं। इस सहयोग के ज़रिये हम ऐसे सीखने के अनुभव तैयार करना चाहते हैं, जो हर बच्चे को आत्मविश्वास के साथ सीखने और बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करें।”

इस पहल का लक्ष्य स्कूलों, आंगनवाड़ियों, सामुदायिक केंद्रों तथा ग्रामीण और वंचित इलाकों तक पहुंचना है। बच्चों में रचनात्मकता, जिज्ञासा और सीखने की रुचि बढ़ाने के साथ-साथ यह साझेदारी भारत–कतर के बीच शैक्षणिक और सांस्कृतिक सहयोग को भी नई मजबूती देगी।

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