पीढ़ियों से चलता रहा सूदखोरी का कर्ज, तीन जिंदगियां हो गई खत्म

छत्तीसगढ़
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संवाददाता – हफीज़ खान

राजनांदगांव। सूदखोरी का दशं पीढ़ी-दर-पीढ़ी झेलते हुए कर्ज और ब्याज में एक परिवार ऐसा दबता गया कि कर्ज खत्म नहीं हुआ लेकिन इस कर्ज की वजह से एक परिवार के बेटे का जीवन खत्म हो गया। मौत से पहले युवक अपने लिए न्याय की गुहार लगा रहा था और अब उसका परिवार न्याय की विनती कर रहा है।

राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ स्थित टिकरी पारा का नेताम परिवार अपनी तीन पीढ़ियों से सूदखोरी के जाल में ऐसा फंसा की तीन पीढ़ियों का पूरा जीवन कर्ज की अदायगी करते हुए बीत गया। दादा बृजलाल नेताम का लिया हुआ कर्ज पिता राजूबी नेताम पटाता रहा और पिता का कर्ज चुकाते-चुकाते कर्जा दारों की धमकियों और रोज-रोज के तगादे से तंग आकर पुत्र ने अपनी जान दे दी। बीते 4 अक्टूबर को डोंगरगढ़ के टिकरी पारा निवासी 28 वर्षीय विजय नेताम ने अपने घर के एक कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के मुताबिक युवक सूदखोरों के धमकियों और रोज-रोज के तागादों से मानसिक रूप से प्रताड़ित हो चुका था। युवक ने अपनी मौत से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसे परिजनों ने पुलिस को सौंप दिया है। मृतक युवक रेलवे के एसएनटी विभाग में कार्यरत था और बाप, दादाओ के द्वारा लिया गया कर्ज चुकाता था आ रहा था। परिजनों के अनुसार पुलिस को सौंपा गए सोसाइड नोट में युवक ने अरविंद हत्थेल, गब्बर हत्थेल, तरुण हत्थेल और सोनम साहू की प्रताड़ना से तंग आकर जान देने की बात लिखी है और 4 साल पहले अरविंद हत्थेल को 3 लाख देने का जिक्र भी किया है। वहीं उसने अपने पापा के द्वारा पैसा पटा दिए जाने के बात भी लिखी है। मृतक की मां सुहागा नेताम और बहन रेशमा पंदराम ने भी सुसाइड नोट में लिखे इन चारों लोगों के द्वारा विजय को प्रताड़ित किए जाने की बात कही है। वहीं उन्होंने कहा है कि विजय के दादा और पिता ने कितना कर्ज लिया था, यह भी नहीं मालूम लेकिन अब तक वे कर्ज की रकम अदा करते आ रहे हैं। वहीं उन्होंने इस मामले में सूदखोरों पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनका बैंक पासबुक और एटीएम भी उन्हीं लोगों के पास रखा हुआ है।

कर्ज के रुपए पटा-पटा कर थक चुका विजय नेताम आखिर जिंदगी की जंग हार गया और उसने अपनी अहलीला समाप्त कर ली। अपने सुसाइड नोट में युवक ने अपने लिए इंसाफ की मांग की है। वहीं अब पीड़ित का परिवार भी इंसाफ की गुहार लगा रहा है। इस पूरे मामले में राजनांदगांव के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले का कहना है कि इस मामले की जांच की जा रही थी, मृतक की पत्नी ने सुसाइडल नोट पेश किया है, जिस पर धारा 306, 34 और 4 कर्जा एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि तथ्यों और सुसाइडल नोट के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

डोंगरगढ़ के टिकरी पारा का नेताम परिवार उस कर्ज की अदायगी कर रहा है, जिसका उन्हें पता ही नहीं कि कितना कर्ज लिया गया था और कितना कर्ज बकाया है! पीढ़ियों से चले आ रहे सूदखोरी के इस मामले में हताश परिवार अपने पुत्र की जान गवांने के बाद अब न्याय की गुहार शासन और प्रशासन से लगा रहा है। इस मामले में सुक्ष्मता से जांच कर कार्यवाही किए जाने की आवश्यकता दिखाई देती।

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